
ऋण प्रतिभूतियाँ, निश्चित कूपन ब्याज और मूल्य तथा प्रतिफल का सी-सॉ संबंध।
बॉन्ड क्या है?
बॉन्ड (Bond) किसी सरकार या निगम द्वारा जनता या संस्थागत निवेशकों से पूँजी जुटाने के लिए जारी की जाने वाली एक ऋण प्रतिभूति है। संक्षेप में, बॉन्ड एक औपचारिक IOU है: जब आप बॉन्ड खरीदते हैं, तो आप जारीकर्ता को एक निश्चित तिथि तक नियमित ब्याज और अंत में पूरा मूलधन वापस पाने की शर्त पर पैसा उधार दे रहे होते हैं।
बॉन्ड के मुख्य अंग
- अंकित मूल्य (Face Value) — वह मूल राशि जो जारीकर्ता उधार लेता है और परिपक्वता पर चुकाने का वादा करता है।
- कूपन दर (Coupon Rate) — जारीकर्ता द्वारा दिया जाने वाला निश्चित वार्षिक ब्याज प्रतिशत।
- परिपक्वता तिथि (Maturity Date) — वह भविष्य की तारीख जब ऋण समाप्त होता है और मूलधन वापस मिलता है।
बॉन्ड का सी-सॉ: मूल्य और प्रतिफल
बॉन्ड को परिपक्वता से पहले बाज़ार में खरीदा और बेचा जा सकता है। जब अर्थव्यवस्था में प्रचलित ब्याज दरें बदलती हैं, तो मौजूदा बॉन्ड की कीमतें विपरीत दिशा में चलती हैं: यदि नई ब्याज दरें बढ़कर 8% हो जाती हैं, तो कोई भी 6% वाले पुराने बॉन्ड को पूरी कीमत पर नहीं खरीदेगा। उसकी कीमत तब तक गिरेगी जब तक उसका प्रभावी प्रतिफल (yield) बाज़ार दर के बराबर न हो जाए।
एआई प्रकटीकरण: एआई (ChatGPT) की सहायता से लिखा गया। आपसे अनुरोध है कि त्रुटियों और चूकों की ओर ध्यान दिलाएँ।





